भारतीय राजनीति को अचानक युवा मतदाता याद आ गया है। राहुल गांधी रंग-बिरंगी शर्टों में प्रयागराज से पुणे तक युवाओं की भीड़ से संवाद कर रहे हैं। उधर भाजपा नई...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ताजा जुमला इतिहास में उनकी याद का शायद एक और शब्द हो। 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति,...
मानसून की पहली असली बारिश और राजधानी दिल्ली-एनसीआर की सबसे यादगार तस्वीर। गुरुग्राम की सबसे पॉश गोल्फ कोर्स रोड मानो नदी बन गई थी। बीसियों करोड़ रुपये की एक लेम्बोर्गिनी...
भारत में कई चुनाव परिणाम सरकारें बदलते हैं, लेकिन कुछ परिणाम राजनीतिक समझ बदलते हैं। बांकीपुर और दतिया के उपचुनाव उसी दूसरी श्रेणी के हैं। उन्होंने भाजपा की चुनावी ताकत...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समझते हैं कि राजनीति केवल नीतियों से नहीं, कथाओं से भी चलती है। प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने भारत को जो सबसे प्रभावशाली कहानी सुनाई, वह बेटियों...
हाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने एक महत्वपूर्ण बात कही। जिस दिन दोपहर में धर्मेद्र प्रधान को इस्तीफा हुआ उसकी सुबह हैदराबाद में ‘समकालीन मातृत्व’ के...
ग्राउंड रिपोर्ट – श्रुति व्यास मैंने सोमवार सुबह यह गलत लिखा कि भारत की जेनरेशन-ज़ेड राजनीति से उदासीन है, डरपोक तरुणाई है और व्यवस्थापरस्त है। लेकिन सोमवार को ही नई...
नेताओं की लोकलुभावन राजनीति की एक विचित्र विशेषता है। ऐसे नेता कभी किसी विजय को अंतिम जीत नहीं बनने देते। तभी हर चुनाव अब राष्ट्र के अस्तित्व की निर्णायक लड़ाई...
अब भारत की राजनीति में धारा दक्षिणपंथ या धर्मनिरपेक्षता या वामपंथ की नहीं है। न ही हिंदुत्व की है। 2026 की मौजूदा राजनीति में अब केवल अवसरवाद है। वही सर्वोपरी...
यूक्रेन का युद्ध अब पहले महायु्द्ध से लंबा हो चुका है। यह तुलना केवल दिनों की संख्या के कारण चौंकाने वाली नहीं है। प्रथम विश्वयुद्ध 1,566 दिनों तक चला था...
छह जून की सुबह जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी की एक मामूली-सी भीड़ जमा हुई। इसकी मांग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की थी। यूट्यूबर अपने फोन हाथ की दूरी पर...
भारत मानो एक अघोषित गृहयुद्ध में है। केकड़ों वाली पुरानी कहावत अब छोटी पड़ गई है। उस प्रवृत्ति से आगे निकल गए हैं जहाँ केकड़े एक-दूसरे को नीचे खींचते थे।...
कॉकरोच अब राष्ट्रीय बहस है। किसने सोचा था कि एक बात भारत का वैश्विक हल्ला बनाने वाली होगी? चीफ जस्टिस की टिप्पणी के बाद इंस्टाग्राम और X पर ऐसा व्यंग्य...
सन् 1985 में नील पोस्टमैन ने “हँसते-हँसते विनाश की ओर” (Amusing Ourselves to Death) किताब लिखी थी। उसमें आधुनिक सभ्यता को लेकर एक ठंडी और बेचैन कर देने वाली चेतावनी...
इस मई बीजिंग में दिलचस्प दृश्य, नजारा है। डोनाल्ड ट्रंप का ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में स्वागत हुआ। उन्होंने 21 तोपों की सलामी, सैन्य बैंड और अमेरिकी-चीनी झंडे लहराते...
कुछ दिन पहले यह जानकर एक अजीब-सी संतुष्टि हुई कि भारत भी ब्रिटिश नागरिकों के वीज़ा खारिज करता है। डिनर टेबल पर यही चर्चा छिड़ी थी और प्रतिक्रिया लगभग ‘वाह’...
आज बीजिंग में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आमने-सामने बैठे हैं। यह केवल एक कूटनीतिक मुलाकात नहीं है। यह उस बदलती दुनिया की एक...