हर गणराज्य के दो चेहरे होते हैं, एक जो आज़ादी के वादे से जगमगाता है, दूसरा वह जो भ्रष्टाचार की अनदेखी, दण्डहीनता की चुप सड़न में ढंका रहता है। राष्ट्र...
शांति, शांति तब तक ही रहती है जब तक वह स्वीकार्य है। जैसे ही सत्ता भारी पड़ने लगती है—प्रभावशाली, स्वार्थी और आत्ममुग्ध—शांति दरकने लगती है, टूटने लगती है। बेशक, शुरुआत...
कुछ दिन पहले मेरी मुलाक़ात एक महिला से हुई। सामान्य परिचय का सिलसिला शुरू हुआ—वह कॉरपोरेट में काम करती हैं। उन्होंने पूछा, “आप क्या करती हैं? मैंने कहा, “मैं पत्रकार...
डोनाल्ड ट्रंप के लिए शांति का अर्थ कभी युद्ध समाप्त करना नहीं बल्कि हेडलाइन जीतना का रहा है। और उसके बाद फिर नोबेल पुरस्कार। इस कार्यकाल की शुरुआत से ही...
सितंबर 2025 के आख़िर से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुज़फ़्फ़राबाद, रावलकोट, कोटली, नीलम एक-एक कर ठप पड़ गए। सड़कें बंद, आवाज़ें बेख़ौफ़, नारे गरजते हुए: “कश्मीर हमारा है, हमीं उसकी...